जिन्न ने दी अलौकिक शक्तियां
जिन्न ने दी अलौकिक शक्तियां
शहर से हरिपुर गांव जाते waqt रास्ते में एक पुराना पेड़ पड़ता है। जो बहुत ही बड़ा और घना पेड़ है। दिन मे उस पेड़ के नीचे ठण्डी हवा चलती है। लेकिन रात मे वो पेड़ बहुत ही डरावना दिखता है।
पहले दिन के समय मे लोग थक के उस पेड़ के नीचे बैठ के आराम कर लिया करते थे। लेकिन जब से उस पेड़ पर जिन्न होने की बात फैली है। डर से कोई भी उस पेड़ के पास नहीं जाता है।
कुछ लोग उसे अच्छा जिन्न कहते है। कुछ लोग उसे बुरा जिन्न कहते है। कुछ लोग उसे भूत प्रेत समझते है। मगर मैं शहर मे रहने के कारण और पढ़ा लिखा होने के कारण इन सब बातों पर यकीन नहीं करता हूँ।
तो उस दिन भी मैं अपने गांव जा रहा था। मुझे कोई सवारी नहीं मिली तो मैं पैदल ही घर की तरफ निकल पड़ा। चलते चलते मैं उसी पेड़ के करीब पहुच गया। वहां बड़ी ठण्डी हवा चल रही थी। मैं भी बहुत थक गया था तो मैंने सोचा यही रुक के थोड़ा आराम कर लू फिर चलू ।
मैं उस पेड़ के नीचे जाके बैठ गया। हवा इतनी ठण्डी थी कि मुझे नींद आने लगी तो मैंने सोचा यहा तो वैसे ही जिन्न के डर से कोई नहीं आता तो मैं थोड़ा सो लेता हूँ। जैसे ही मेरी आँख लगी कुछ देर बाद मुझे मेहसूस हुआ कोई मेरे माथे पर हाथ फ़ेर रहा है। और मुझे हवा दे रहा है। मैंने हड़बड़ाहट मे आंख खोली मगर वहां कोई नहीं था।
तो मैं फिर आँख बंद करके लेट गया। लेकिन फिर से मुझे एसा लगा कोई मुझे हवा दे रहा है तो मैंने चुपके से अपनी आंख खोल के देखा तो मेरे सामने एक धुएँ सी आकृति बैठी हुई थी जो काफी मासूम दिख रही थी। वो शायद किसी बच्चे की आकृति थी जो अकाल मृत्यु के कारण प्रेत योनि मे फस के जिन्न बन गई थी। लेकिन वो जिन्न लड़का बहुत अच्छा था।
मैं वहां लेटा था तो पहले उसने मुझे हवा दी फिर उसने मेरे माथे को सहलाया । तो मैं जान गया कि ये कोई अच्छा जिन्न ही है। अगर बुरा जिन्न होता तो अब तक मुझे यहा शांति से सोने नहीं देता। मैंने धीरे धीरे अपनी आंखे खोल ली मगर उस जिन्न को पता नहीं चला था कि मैं उसे ही देख रहा हूँ।
थोड़ी देर बाद वो जिन्न मेरे पैर दबाने लगा। जब वो मेरे हाथ दबाने के लिए मेरे पास आया तो उसने देखा कि मैं उसे ही देख रहा तो वो भागने लगा । लेकिन मैंने उसे रोका और उससे पूछा कि कौन हो तुम,,,,?
तब उसने मुझे बताया की वो एक जिन्न है। जो यहा पेड़ पर रहता है। वो लोगों से दोस्ती करना चाहता है ।लेकिन उसकी शक्ति देख के लोग उससे डर के भाग जाते है। तो मैंने सोचा क्यों ना मैं उससे दोस्ती कर लू।
फिर हम दोनों ने वहां बैठ के बहुत सारी बाते की। समय ज्यादा हो गया था तो मैंने कहा कि अब मैं चलता हू। तो वो बोला कि फिर कब मिलोगे दोस्त,,,,? तो मैंने कहा कि जब गांव आना होगा तभी मुलाकात होगी। तुम मुझे अपना फ़ोन नंबर,,,,लेकिन तुम तो जिन्न हो,,,,, फ़ोन नंबर कैसे दोगे,,,,?
मैं अभी कुछ सोच ही रहा था कि उसने कहा,,मैं तुम्हें कुछ शक्तियां दे सकता हू ,जिससे तुम जब चाहो मेरे पास आ सकते हो,,,,,।
Wow ये तो बहुत अच्छा होगा। मैंने कहा।
फिर उसने मुझे कुछ शक्तियां दी। मैं जाने को ही था लेकिन फिर मैं रुका और उससे कहा, दोस्त क्या तुम्हारे पास एसी कोई शक्ति भी है जिससे मैं तुरन्त अपने घर पहुच जाऊँ,,,,।
हाँ है ,,,,,।
वो भी दे दो मुझे।
फिर उसने कहा कि ठीक है लेकिन तुमको कुछ नियम कानून को मानना होगा। वर्ना वो शक्तियां चली जाएगी।।
मैंने कहा हाँ मैं सब करूगा,,,,,,तुम मुझे वो शक्तियां दे दो,,,,।
फिर वो शक्तियां मिलने के बाद मैं अपने जिन्न दोस्त को फिर से मिलने का वादा करके वापस घर आ गया।।

