अपनी कहानियों के माध्यम से समाज में एक साकारात्मक सोच लाना चाहती हूं। समाज की प्रगति में योगदान देना चाहती हूँ।
मुझे किसी के बहुत तेज़ - तेज़ चीखने की आवाज़ आ रही थी मुझे किसी के बहुत तेज़ - तेज़ चीखने की आवाज़ आ रही थी
मयंक हड़बड़ा कर उठा। अपने आप से बड़बड़ाने लगा, "ओह! तो सच में ऐसा कोई ग्रह नहीं था। मयंक हड़बड़ा कर उठा। अपने आप से बड़बड़ाने लगा, "ओह! तो सच में ऐसा कोई ग्रह नह...
पुष्प की भी अभिलाषाएं और इच्छाएं होती हैं जनाब पर उनकी इच्छा पूरी करने के लिए अपनी जेब पुष्प की भी अभिलाषाएं और इच्छाएं होती हैं जनाब पर उनकी इच्छा पूरी करने के लिए अ...
हमारे दादाजी के पास चिराग है! कितना रोमांचक लग रहा है ये सुन कर। हमारे दादाजी के पास चिराग है! कितना रोमांचक लग रहा है ये सुन कर।
रेस का मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। यह देख चैतन्य बहुत विचलित हो गया। रेस का मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। यह देख चैतन्य बहुत विचलित हो गया।
पैसा हमें सहूलियत देता है पर ज़िन्दगी नहीं दे सकता। पैसा हमें सहूलियत देता है पर ज़िन्दगी नहीं दे सकता।
"दादाजी, आप सब मिलकर तीर्थयात्रा के लिए क्यों नहीं जाते? "दादाजी, आप सब मिलकर तीर्थयात्रा के लिए क्यों नहीं जाते?
"अरे बेटा, शहर में पैसा कमाने के लिए जादू नहीं बल्कि बहुत मेहनत लगती है।" "अरे बेटा, शहर में पैसा कमाने के लिए जादू नहीं बल्कि बहुत मेहनत लगती है।"
उसकी बोतल में कैद होते ही मानो एक सन्नाटा छा गया। उसकी बोतल में कैद होते ही मानो एक सन्नाटा छा गया।
सब हँस पड़े और सक्षम को साथ ले घर चल दिए। सब हँस पड़े और सक्षम को साथ ले घर चल दिए।