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Sajida Akram

Horror


3.4  

Sajida Akram

Horror


"हॉन्टेड हाइवे "

"हॉन्टेड हाइवे "

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रीति और यश अक्सर कार से ही सफ़र करना पसंद करते थे। उनके फ्रेंड सर्किल में सब मना करते थे तुम लोग यूँ बेवजह कार से सफ़र करने का रिस्क मत लिया करो ।दोनों हसबैंड- वाइफ़ मजाक में कहते थे क्या हुआ... कोई भूतों का झूंड मिल जाएगा... अरे बहुत एडवेंचर्स है इसमें एक नशा सा मिलता है । जब अपनी कार फर्राटे मारती..

शूं ..शशा करती निकलती है ,तो लगता है हम सड़कों के आवारा पंछी हैं । सड़कों पर हमारा साम्राज्य है । जो मना करते उन्हें ही डरपोक की उपाधि से नवाज़ देते और कहते कभी चलो हमारे साथ लम्बी ट्रिप पर, आशीष , निधि, विवेक, सुरभि सब कान पर हाथ रख कर कहते न बाबा न हम तो कभी ना जाए तुम्हें ही मुबारक हो ये सब एडवेंचर्स ।

रीति और यश ने बारिश के मौसम में लम्बी ट्रिप पर जाने का प्लान बनाया ।मुम्बई से केरल जाने के लिए आफिस से छुट्टी ली और दोस्तों को बताया। हम अब लम्बें सफ़र पर निकल रहे हैं ।दोनों की फेमिली भी उनके कार से जाने पर एतराज़ करते थे, मगर दोनों कहाँ मानने वाले थे ।

उनका प्लान था गूगल मेप से रास्ते देखते हुए, पहुँच जाएंगे । दिन- दिन में ड्राइव करेंगे और रात में कहीं अच्छे होटल में रुकेंगे। रीति यश अगले दिन सुबह ही निकल गए। बारिश का मौसम होने की वजह से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही ।मूसलाधार बारिश की वजह से गाड़ी भी धीमी ही ड्राइव कर रहा था ।यश और रीति को मज़ा आ रहा था।

चार दिन के सफ़र के पिक्चर और हर वक़्त का स्टेट्स फेसबुक पर अपलोड कर रहे थे, और दोस्तों को पूरी जानकारी व्हाट्सएप पर रीति देती जा रही थी।

आशीष ,निधि आपस में चर्चा कर रहे थे कि ये लोग बारिश में बिना वजह रिस्क ले कर सफ़र कर रहे बस ईश्वर उन दोनों की रक्षा करे । आशीष ने रीति का आख़िरी मेसेज देखा था रात 1 बजे हम एन.एच 61 पर मुडे़ है ,अभी शहर आने में क़रीब चार घंटे लगेगें, मगर ये बारिश इतनी ज़ोर की है हमें रास्ता ही नहीं सुझ रहा है, सच बताऊं आशीष आज मुझे डर लग रहा है जैसे ये बारिश और ये एन. एच 61 हमें काल की और ले जा रहा है । हम कब से इस रास्ते पर गोल-गोल घूम रहे हैं। जिधर भी मोड़ लेते हैं वहीं पहुंच जाते हैं जिस मोड़ से इस हाईवे पर आए थे। हमें दो घंटे हो गए । रात के 3 बज गए हैं!

आशीष, यश की बुआ का बेटा था ,बचपन से अच्छे दोस्त थे । यश को फोन नहीं लगा तो दोस्तो को फिक्र होने लगी । 3 बजे दिन तक यश के मम्मी- पापा ने आशीष को पूछा यश-रीति से बात हुई कहाँ पहुंचे वो दोनों। आशीष ने अपने मामा-मामी को यहीं समझाया मामा मेरी 3 बजे रात को बात हुई थी, हो सकता है तेज़ बारिश होने की वजह से नेटवर्क ना मिल रहा हो।

जब रात गहराने लगी तो दोस्तों को और मम्मी- पापा को चिंता हुई पुलिस के पास गए ।रीति का लास्ट मेसेज बतायाउनकी गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज हुई।

कुछ दिन पुलिस ने छानबीन की आशीष, निधि, विवेक सब लोग यश और रीति के पापा-मम्मी को दिलासा देतें रहे । कहीं से भी कुछ ख़बर ना मिली।

एक दिन बाद...  हास्पिटल से रीति के पापा को फोन आता कि आप कौन बोल रहें हैं...

रीति के पापा फौरन फोन उठाते हैं , फोन करने वाली बोलती है हम हास्पिटल मेरी क्वीन्सलैंड हास्पिटल से बोल रही हूँ । एक पेशेंट आई है हमें उनके पर्स में से ये फोन नम्बर मिला था।

आशीष हास्पिटल वालों से यश के बारे भी पूछता है वो कैसा है तो रिसेप्शनिस्ट कहती है , हमें कोई और नहीं मिला एक नाविक ने पुलिस को ख़बर की यहाँ केरल के बेक वाटर के किनारे एक घायल लड़की मिली है।तीनों दोस्त रात के आख़िरी पहर में तिरूवनंतपुरम पहुचंते है ।नाव से केरल के एक गाँव में तिरुचिरापल्ली में पहुंचते है वहाँ से हास्पिटल का पता पूछते-पूछते पहुँच जाते हैं ।

रीति अपने तीनों दोस्तों को देखकर फूट-फूट कर रो पड़ती है, और आशीष से एक ही बात कहती है तुम यश को देखकर आओ वो कैसा है, ये लोग मुझे उसे दिखाने नहीं ले जा रहें हैं।

आशीष कहता है हम आ गए हे ना सब ठीक हो जाएगा । पहले तुम रिलेक्स रहो फिर मै हास्पिटल मेनेजमेंट से जानकारी लूंगा।ये तीनों दोस्त डाक्टर से पूछते हैं कि क्या हम रीति को एयर टेक्सी से मुम्बई ले जा सकते हैं । डाक्टर मना करते हैं अभी पेशेंट की हालत ठीक नहीं है।हम तिरुवनंतपुरम के बड़े हास्पिटल में ले जा सकते हैं। आशीष अपने मामा-मामी को क्या बताएं । रीति और यश के मम्मी- पापा के फोन आते हैं , वो लोग बात करना चाहते हैं, उन लोगों को आशीष लगातार समझाता है जैसे ही डाक्टर इजाज़त देगा बात करने की तो मैं बात कराऊंगा आपसे ।

तीन दिन बाद दोस्त रीति को तिरुवनंतपुरम के हास्पिटल में ले जाते हैं ।रीति को शक होता है यश की कोई ख़बर क्यों नहीं दे रहे हैं ।रीति और यश दोनों के मम्मी- पापा आतें है । जैसे- तैसे रीति को मुंबई ले जाते हैं । रीति ख़ामोश हो जाती है।

रीति को संभालना मुश्किल होता है । यश का यूँ बिछड जाना बर्दाश्त नहीं कर पाती है । उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है। रीति के सामान में एक वेब कैमरा मिलता है । सफ़र रिकॉर्डिंग करके रखतें थे । कैमरे को ठीक करवाने के लिए जाता है ...आशीष । शाप वाला आशीष को बुलाता है कैमरे की रिकॉर्डिंग दिखाने ।

रिकॉर्डिंग में कोई अदृश्य शक्ति इन दोनों की कार ऊंचाई से धकेलती हुई रिकॉर्ड होती है......!


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