Vijaykant Verma

Abstract


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Vijaykant Verma

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डियर डायरी 17/04/2020

डियर डायरी 17/04/2020

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दबंग पर फिदा हिंदुस्तानी, तो लीजिए उन्होंने भी कोरोना पॉजिटिव वालों को फरमान सुना दिया, "अस्पताल से भाग कर जा रहे हो..? पर जाओगे कहां..? जिंदगी की ओर भाग रहे हो.? या मौत की ओर..? " डॉक्टरों और पुलिस पर पत्थर बरसाने वालों, जो डॉक्टर और नर्स तुम्हारी जान बचाने के लिए आए हैं, तुम उन्हीं पर तुम पत्थर बरसा रहे हो..? देश में चंद सिरफिरों के कारण ही आज पूरा हिंदुस्तान अपने घरों में कैद है !अरे मानवता के दुश्मन..! कम से कम जो तेरा भला चाह रहे हैं और तेरे भले के लिए ही तेरे घर आए हैं, कम से कम उनका तो सम्मान कर..! पर तू तो उन पर भी पत्थर बरसा रहा है..! कुछ तो खुदा से कहर से डर ..! तू क्या सोचता है? तेरे इस करम पर खुदा तुझको जन्नत देगा..? तेरे इस करम पर खुदा तुझको बरकत देगा..? तेरे इस करम पर खुदा तेरे पापों को क्षमा कर देगा..? नहीं, ऐसा कभी नहीं होगा. ! यह तेरा सिर्फ वहम है! सच तो यह है, कि तू अपने ही जाल में फंसता जा रहा है..! क्योंकि शायद तूने कुरान पढ़ी नहीं ..? और अगर पढ़ी भी, तो कुरान का अर्थ नहीं समझा..! मोटे तौर पर इसका सिर्फ एक ही अर्थ है, खुद को बचाना और दूसरों को भी बचाना..! नेकी की राह पर चलना, और बदी से दूर रहना। और अगर किसी की मदद करने का सौभाग्य मिले, तो तुरंत उसकी मदद करना..! दोस्तों, आज बिग बॉस पूरे घर में है। हर घर का मुखिया ही बिग बॉस है। उसके आदेश का पालन करो। अपने घर पर रहो। सुरक्षित रहो। और अगर कोरोना है, तो खुद को क्वॉरेंटाइन करो। लापरवाही न करो। तुम खुद भी अच्छे हो जाओगे। अपने परिवार को भी खुशियां दे जाओगे। और अपने देश और समाज को भी खुशियां दे जाओगे। तुम पर फक्र होगा इस दुनिया को। और अगर तुमने ऐसा नहीं किया, तो खुदा का खौफ बरसेगा..! इस जिंदगी में भी तड़पोगे और आगे की जिंदगी में..! यही सच है..! तो ले लो फिर आज ही यह कसम। कि अब न करेंगे कोई गलत काम। घर में ही करेंगे इबादत नमाज। क्यूंकि घर में ही है जन्नत, ख़ुदा का धाम..!!


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