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Dinesh Divakar

Horror Thriller

4  

Dinesh Divakar

Horror Thriller

छलावा मौत का

छलावा मौत का

3 mins
420

ये बात बहुत पुरानी है गर्मियों के दिन थे एक बार की बात ये मेरी बुआ का एक बेटा था वो सिगरेट शराब वगैरह पीता रहता था तो एक रात उसे आने में देरी हो गई। तब वो साइकिल से वापस आ रहा था।

तब रात के बारह बज रहे थे वो साइकिल पे बैठा हुआ अपने होंठों पर सिगरेट पकड़ रखा था और अपनी ही धुन में झूमता हुआ घर की ओर जा रहा था।

तभी उसे लगा कि कोई पीछे से आ रहा है किसी के चलने की आवाज उसे सुनाई देने लगी थी वो ये सुनकर थोड़ा घबरा गया लेकिन पीछे मुड़कर नहीं देखा क्यूंकि उसकी मां उसे बोलते थे की अगर अकेले में ऐसे अहसास हो की कोई पीछे है तो पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए कभी भी।

इसलिए वो पीछे मुड़कर नहीं देखा और तेजी से साइकल चलाने लगा तो पीछे से किसी के तेज चलने की आवाज आने लगी उसका दिल अब जोर से से धड़कने लगा था। 

वो भगवान से प्रार्थना करने लगा कि मेरी मदद करो तभी उसकी साइकिल पंचर हो गई और वो दूर जाकर गिरा उसे थोडी चोटे आई पर वो रूका नहीं और पैदल ही चलने लगा वहीं अभी भी पीछे से किसी की चलने की आवाज बराबर सुनाई दे रहा था।

तभी उसे पीछे से किसी ने उसका नाम पुकारा तो वो वहीं मुर्ति जैसे खड़ा हो गया लेकिन फिर भी वो पीछे मुड़कर नहीं देखा। जब वो रूका तो उसे अहसास हुआ कि उसके पीछे जो चल रहा है वो भी रूक गया है।

तब वो फिर से चलने लगा तो पीछे से फिर से कोई आवाज लगाने लगा उसका नाम लेकर "अरे भाई सोनू एक सिगरेट तो पी लादे यार।" 

ये सुनकर उसकी रूह कांप उठी और डर ने उसके पुरे शरीर पर घर कर लिया जिसके बाद पीछे से किसी के पास आने की आवाज आई तो वो बजरंग बली को याद करता हुआ तेजी से दौड़ने लगा।

उस समय वो इतनी तेज दौड़ रहा था अगर गिर जाता तो हाथ पैर टूट जाते लेकिन वो रूका नहीं साथ ही उसे बराबर अहसास हो रहा था कोई पीछे से तेजी से उसके पास आ रहा था।

वो जैसे तैसे गाव की दहलीज पर पहुंचा जहां एक पुराना शिव जी का मंदिर था वहां जाकर वो रुका और हांफने लगा और वहीं बेहोश हो गया।

जिसके बाद गांव के कुछ लोगों की नजर गई तो उसे उसके घर पहुंचाए जिसके बाद उसे इतनी तेज बुखार आया कि उसकी मां डर गई।

जिसके बाद जब उनसे वो बात अपनी मां को बताई तो उसने एक पंडित को घर बुलाया जिसके बाद पंडित ने पुरे घर को अभिमंत्रित किया और सोनू को गंगा जल पिलाया तब जाकर उसका बुखार ठीक हुआ।

अभी भी वो उस हादसे को भुला नहीं है और भुल कर भी अकेले उस रास्ते पर नहीं जाता दिन में भी नहीं क्यूंकि कहते हैं रात में ऐसे छलावे घूमते रहते हैं जो आपको अपनी जाल में फंसा कर अपनी दुनिया में ले जा सकें।


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