भटकती आत्मा : रहस्य
भटकती आत्मा : रहस्य
हमको अपने जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं जिनमें एक रहस्य छुपा होता है, कई बार हम उन घटनाओं के बारे में कुछ कर नहीं सकते तो उनको बस सोचना छोड़ देते हैं।
कई बार यह सोच कर कि अगला झूठ या अगले को धोखा हुआ है करके उस बात को नकार देते हैं।
मैं करीब 14 या 15 साल की रही होंगी घर के पास में मेरी एक सहेली रहती थी, उसकी बुआ की लड़की गर्मी की छुट्टियों में आती तो हम लोग साथ में खेलते। यह सिलसिला कई वर्षों से चल रहा था इसलिए वह भी हमारी सहेली बन गई थी उनमें हमसे कुछ बड़ी थी। वह गांव से आया करती थी इसलिए दौड़-दौड़ कर खूब काम करती और देखने में बहुत ही प्यारी थी। वो गांव की भाषा में बोलती थी तो बहुत प्यारी लगती थी।
दो साल बाद पता चला उसकी शादी हो गई है इसलिए अब वो छुट्टियों में नहीं आती थी। मुझे बहुत आश्चर्य हुआ कि इतनी छोटी सी है; अभी उसकी शादी हो गई फिर सोचा नहीं गांव में तो हो ही जाती है। उसकी शादी को बस तो दो ही वर्ष बीते होंगे कि एक दिन खबर आई सीमा की मृत्यु हो गई है। हाँ उसका नाम सीमा था।
मैंने अपनी सहेली से पूछा, "कैसे मर गई क्या हुआ था?"
तब सहेली ने बताया कि उसने आग लगा ली सुसाइड कर लिया है। मुझे बहुत दुख हुआ उसकी कुछ महीनों की बेटी हुई थी, मुझे आश्चर्य हुआ कि ऐसे कैसे कोई अपने आप को मार लेता है, जबकि इतनी छोटी उसकी बच्ची हुई है? क्या उसको अपनी बच्ची की कोई परवाह नहीं हुई होगी?
मैंने उसके पति के बारे में बहुत सोचा जब कि मैंने उसके पति को कभी नहीं देखा था फिर भी मैंने सोचा वह बेचारा भी अकेला रह गया। उसके कुछ अरमान होंगे उस उम्र में तो हम फिल्में देखकर, रोमांस और वह सब के बारे में बहुत सोचते हैं ना। तो मुझे भी ऐसा लग रहा था उनके दोनों का भी हीरो हीरोइन के जैसा रोमांस होगा, बेचारा दुखी हो गया होगा।
फिर एक दिन मेरी सहेली ने मुझे बताया, "पता है तुम्हें सीमा ने आत्महत्या नहीं करी उसको जलाकर मारा गया है?"
"अरे क्या कह रही हो?"
"हां गांव से भैया आए थे वह बता रहे थे कि घर के एक छोटे बच्चे के ऊपर उसकी आत्मा आती है और वही सब बताती है, उसने ही बोला है कि तुमने उन लोगो को छोड़ दिया है। पुलिस में जिनका नाम भी नहीं दिया उन लोगों ने मुझे जला के मारा है।"
इतना बोलकर आत्मा चली भी गई थी।
मैंने घर जाकर यह सब मम्मी को बताया तो मम्मी बोली, "सब ज्यादा मत सोचो आत्मा वात्मा कुछ नहीं होता। उन लोगों को शक हुआ होगा कि उन्होंने मारा है ऐसा इसलिए ऐसा बोल रहे हैं।"
फिर एक दिन पता चला सीमा की सास और उसका पति दोनों जेल में है उन दोनों न ही सीमा को जलाकर मारा है। मैंने अपनी सहेली से पूछा किसी ने तो गवाही दी होगी ऐसे कैसे उनको जेल में भेज दिया।
तब मेरी सहेली ने फिर से मुझे बताया कि मम्मी-पापा बातें कर रहे थे तब मैंने सुना कि का एक बच्चा जी की सीमा के यहाँ कभी नही गया था उस ने पूरा किस्सा सुनाया कि मैं ऐसे खाना बना रही थी दोनों ने मुझे पकड़ लिया मेरे कपड़े उतार दिए और फिर मेरे ऊपर तेल डालकर जलाया मुझे और बाद में मुझे बड़े डंडे से धक्का दे कर सीढ़ियों से नीचे गिराया।
सीमा का मृत शरीर शीढियो से गिरा हुआ ही पाया गया था तो घर के लोगों को विश्वास हो गया।
सब लोगों ने थोड़ा और पूछा था कि तुम यहां क्यों आई हो बोलो?
आत्मा बोली, "मैं यहां कभी नहीं आऊंगी लेकिन तुम वहां से मेरी बच्ची को निकाल लो और उन लोगों को सजा दिलाओ।"
खैर फिर उसके घर के लोग उसकी बच्ची को भी वहां से ले आए और दोबारा और उसके बाद कभी सुनने को भी नहीं मिला कि उसी मां की आत्मा किसी के ऊपर आई हो।
सीमा की ससुराल के लोगों का क्या हुआ कितना केस चला मुझे नहीं पता पर यह बात बचपन से लेकर आज तक मेरे दिमाग में रहस्य ही बनकर बैठी हुई है कि क्या ऐसा भी होता है क्या? क्या ऐसे किसी की आत्मा भटकते हुए कहीं आ सकती है, एक रहस्य बनकर ही रह गया है?

