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Hema Nair

Abstract

2.6  

Hema Nair

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ज़िन्दगी

ज़िन्दगी

1 min
41


आएं हैं दूर से हम सब यहां,

ले जायेंगे संग अपने यादों का जहाँ,

खुशी में खुलकर हँसो,

ग़म में भी मुस्कुरा लो,

कल का क्या है पता,

हम कहाँ, तुम कहाँ,


ज़िन्दगी से ना रूठो तुम,

ज़िन्दगी तुमसे रूठ जाएगी,

मेहनत का फल मीठा होगा,

हँसते खेलते ज़िन्दगी गुज़र जाएगी..


आएं हैं दूर से हम सब यहां,

ले जायेंगे संग अपने यादों का जहाँ,


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