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Dr Baman Chandra Dixit

Inspirational

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Dr Baman Chandra Dixit

Inspirational

यूँ ही मत कहो

यूँ ही मत कहो

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गिरगिट भी अपनी चाल ही चलता

यूँ ही मत कहो रंग बदलते दिखता।।


कुछ पिघल सा गया आग में तप कर

फिर भी पहले जैसे ठोस ही दिखता ।।


ऐसे नहीं कि उसे तकलीफ नहीँ होती

मगर आजकल बेतकल्लुफ़ दिखता।।


रेसे रेसे से जर्जर जीर्ण-काय लेक़िन

लुब्ध नयनों को वो पूर्णकाय दिखता।।


रास्ता बदलता नहीँ अड़चनों को देख

आचार बिचार में अडिग ही दिखता ।।


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