STORYMIRROR

Anuradha Negi

Romance

4  

Anuradha Negi

Romance

ये जहां

ये जहां

1 min
309

कलम से लिखेंगे

लफ्जों में कहेंगेे

यादोंं को तेरी बनाकर 

मैं दास्तां

बताएंगे सभी को 

जताएंगे किसी को

पढ़ेगा जिसे यहां

सारा जहां 

बातेंं जो थी मेरी तेरे लिए ही

यादेंं वो बनी हैं मेरे लिए भी 

तू भूला हैैैैै मुझे क्यों 

बता वो भी मैंं लिख दूूंं

वफा ही नहीं तेरी थी वो दगा।

चलती हूं राहो में ऐसे हालात हैंं

हर पल में तूू ही क्यों मेरे साथ है

हो कोई साथ में तो रहती हूं गुम 

कैसे कह दूं मैं कि अब दूर हो तुुम,

बिताई थी जो शामेें हमने अब वो नहीं 

तेरे ही साए में पलती सांसें मेरी कहीं

तू ही था रहेगा , बनके मेरा साथी

देखेगा जिसे मेरा दोनों जहां।

तू भूूूला है मुझे क्योंं..............

वफा ही नही तेरी थी वो दगा।



कलंक नहींं इश्क हैै काजल पिया(कलंंक)


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance