Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Kiran Mestri

Abstract Romance

4  

Kiran Mestri

Abstract Romance

प्यार का रिश्ता

प्यार का रिश्ता

1 min
382


देखते कभी ख्वाब जो 

जन्मभर साथ चलनेे के 

किए थे कभी वादे 

जन्मभर साथ निभानेे के 


आपकी खामोशी में भी कभी 

प्यार नजर आता था 

आपकी नजर में भी कभी 

इकरार नजर आता था 


वो हसीन पल और  हसीन लमहे 

आज भी हमें याद है  

आपकी वह यादें 

आज भी हमारे साथ है 


जिंदगी भर का साथ ना ही सही 

कूछ पल तो हम साथ जी सकें 

एक दूसरे के ना सही 

ओर किसी के तो हो सके 


हमारी जुदाई                           

हमारे प्यार का इम्तहान है 

हमारा वह रिश्ता जो 

दुनिया के लिए बेनाम है 


क्या जाने यह दुनिया 

सच्चा प्यार क्या होता है  

जिस रिश्ते को बेनाम कहा 

उस रिश्ते का नाम क्या होता है 


इस जन्म मेंं ना सही 

पर अगले जन्म में हम वादे निभाएँगे 

इस जन्म में जुदाई है                      

तो अगले जन्म में साथ निभाएँगे 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract