STORYMIRROR

Rakesh Porwal

Abstract

4  

Rakesh Porwal

Abstract

बेटियां

बेटियां

1 min
548

ईश्वर का दिया वरदान होती है बेटियां

दो घरों की सूत्रधार होती है बेटियां

पापा की परी होती है बेटियां

 मां की सखी होती है बेटियां


 जीवन की हर परीक्षा में अव्वल आती है बेटियां

अपना हर फर्ज निभाती है बेटियां

 ससुराल की शान तथा मायके की जान होती है बेटियां

 गुणों की खान होती है बेटियां


जग में नाम कमा ती हैं बेटियां

 मुसीबत में सहारा बन जाती है बेटियां

हर रिश्ते को बड़ी मेहनत से निभाती है बेटियां

दुख में भी मुस्कुराती है बेटियां


ससुराल हो या मायका दोनों जगह पर

पराई कही जाती है बेटियां

तो फिर उनका घर कौन सा है

यही नहीं समझ पाती है बेटियां।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract