STORYMIRROR

Jagrati Verma

Classics Children

3  

Jagrati Verma

Classics Children

ये हुनर हममें तो नहीं

ये हुनर हममें तो नहीं

1 min
255

मन में गम पर चेहरे पे खुशी रखें,

ये हुनर हममें तो नहीं


आंखों में आंसू लिए होंठों पे हंसी रखें,

 ये हुनर हममें तो नहीं


गर बैर है तुमसे तो 

खुद आकर बोल देंगे तुम्हें


कि बातों में मिठास घोलकर

दिल में नाराज़गी रखें,

 ये हुनर हममें तो नहीं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics