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Jagrati Verma

Thriller

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Jagrati Verma

Thriller

तह

तह

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तह कर के रख दी हैं तेरी यादें एक कोने में

कभी और इत्मीनान से इन्हें फिर खोलूंगी

दुबारा याद करके वो गुज़रे हुए पल

एक बार फिर...थोड़ा और रो लूंगी


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