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अमित प्रेमशंकर

Romance

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अमित प्रेमशंकर

Romance

ये बेशर्म आँखे

ये बेशर्म आँखे

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ये बेशर्म आँखे

दिल को परेशान करके रखा है

जिसे पाने की उम्मीद नहीं

उसे याद करके रखा है।


कहता हैं एक दिन

दिल को भी मना लूंगा

इसके लिए ख़ुदा से

फरियाद करके रखा है।


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