यादों के साये में
यादों के साये में
यादों के साये में यादों का सहारा लेकर चल पड़े हैं हम,
दिल में बसी यादों की राहगुज़ारी के साथ।
आँखों में छलक रही है वो ताजगुज़ारी,
जो दिल को छू गई है, मोहब्बत के आसारे साथ।
जब भी तेरी याद आती है दिल को छू लेती है,
कुछ ऐसी मधुर भावनाओं की बरसात के साथ।
चाहत की राहों पर भटकते हैं हम तेरे लिए,
तेरे दिल में बसी एक ख़ास जगह के साथ।
यादों के सहारे जीने की आदत बन गई है हमें,
जब भी याद करते हैं, तेरी आँखों की जलवागारी के साथ।
कुछ लफ़्ज़ों को चुन कर, रच देते हैं शायरी,
जो दिल को छू जाती है, वो इश्क़ की भाषा के साथ।
याद के बसेरे में बिताते हैं अक्सर रातें,
तेरी यादों के संग बनकर गुज़री हर रात के साथ।
तेरे ख्वाबों की मधुर चादर में लिपटे हैं हम,
जैसे दिल की धड़कनों का गान के साथ।
यादों के साये में खोये हैं हम अक्सर,
दिल के कोने में बसी हुई वो तस्वीर के साथ।
तेरी यादों की मधुर सुगंध में बहते हैं,
जैसे मधुकरी फूलों की महक गुलाब के साथ।

