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SANDIP SINGH

Thriller

4  

SANDIP SINGH

Thriller

यादें

यादें

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यादें आती रात, साथ रहते थे साथी।

करते मनभर बात, ग्राम में आते हाथी।।


यादें मन की चैन, रैन जैसी है सूरत।

दिल में उलझन आज, दिव्य दिखती वह मूरत।।


यादें ही है राह, मुझे मिलती है उल्फत।

उसकी ही है चाह, कभी होती मत नफरत।।


यादें करते लोग, कर्म जिनके हैं बढ़िया।

जनता ही हैं ताज, खड़ा करते हैं खटिया।।


यादें सरगम साज, शक्ति देती है पूरी।

जीने की है राज, मिटा देती है दूरी।।


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