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प्रभात मिश्र

Romance Tragedy

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प्रभात मिश्र

Romance Tragedy

यादें

यादें

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यादें दस्तक देती हैं

प्रतिबिम्बों में, परछाई में

मौसम की छुपन छुपाई में,

यादें दस्तक देती हैं


रस्ते औ बाजारों में

दिनभर के व्यवहारों में

दरवाजों औ गलियारों में

जीवन के अंधियारों में

यादें दस्तक देती हैं


अखबारों इश्तिहारों में

सहसा किन्हीं विचारो में

चलचित्रों समाचारों में

नदियों के कूल किनारों में

यादें दस्तक देती हैं


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