STORYMIRROR

श्याम मोहन नामदेव

Romance

4  

श्याम मोहन नामदेव

Romance

प्यार हो गया

प्यार हो गया

1 min
222

सच कहता हूं प्यार हो गया।

सच कहता हूं प्यार हो गया।।


साथ रहा कुछ कह न पाया,

आँखो से इज़हार हो गया।।


जब से देखा तुमने मुझको,

नैन तीर दिल पार हो गया।।


बिना तुम्हारे मेरा जीवन,

समझो अब दुश्वार हो गया।।


रही न कोई प्यार की सीमा,

अब तो अपरम्पार हो गया।।


बदली मगर प्यार की भाषा,

अब तो यह व्यापार हो गया।।


सुन्दर था बसन्त का मौसम,

पर वर्षा का आसार हो गया।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance