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V. Aaradhyaa

Romance Inspirational

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V. Aaradhyaa

Romance Inspirational

जुदाई का मज़मा

जुदाई का मज़मा

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तू मेरी ज़िन्दगी का बेहद खूबसूरत हिस्सा है,

तेरी ही परवाह रहती है, ये दिलचस्प किस्सा है!


इक दूजे से जुदा हो के अब हमसे रहा न जायेगा,

जुदाई का यह मज़मा अब किसी से देखा न जायेगा!


पहले से ही बहुत सारे झमेले हैं हमारी जिंदगी में,

अब अंत समय जुदाई का गम हमसे सहा न जायेगा!


तुम जो बात बात पे कह देती हो ये मैं चली मैं चली,

यह जानती तो हो कि तेरे बिन एक पग चला न जायेगा!


अपने समर्पण और निस्वार्थ प्रेम से जीत चुकी हो मुझे,

उम्र के इस दौर में अब मेरे हिस्से का प्रेम मेरा हृदय दर्शाएगा!



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