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bhagawati vyas

Romance

3  

bhagawati vyas

Romance

याद

याद

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गीत


सादगी है अदा, याद के हैं भँवर !

खिलखिला तुम दिये, उठ रही है लहर !!


जान कर बन रहे, आज अनजान हो !

रूप ऐसा सजा, मान अभिमान हो !

देख कर पल ठगे, आज बरसा कहर !!


तौल कर दी खुशी, कुछ कमी रह गई !

श्वास उठ के गिरी, फ़िर थमी रह गई !

भूल हम ही गये, कौन किस की डगर !!


खो गये खुद कहीं, यह बहाना लगे !

मुस्कराते रहो, भाग अपना जगे !

टकटकी है लगी, खिल गये जो अधर !!


सादगी में सजी, यौवना, चंचला !

तन, बदन क्या कहें , मन मयूरी खिला !

छू गयी जब हवा, हो गये तर बतर !!



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