STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

3  

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

"व्यर्थ उड़ाए पेड़ "

"व्यर्थ उड़ाए पेड़ "

1 min
125

पेड़ पौधों के बिना, शून्य हुए सब लोग

अकाल सूखा भी पड़े, बढ़े धरा पर रोग 

बढ़े धरा पर रोग, जीव मरने को आया

खूब करी जो भूल, मनुज ने शोक जताया

व्यर्थ उड़ाए पेड़, ध्यान रही ना मुठभेड़

घनी लगाओ पौध, कभी न काटो तुम पेड़ 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy