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निखिल कुमार अंजान

Romance

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निखिल कुमार अंजान

Romance

वफा तो हम कर लेंगे......

वफा तो हम कर लेंगे......

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हर चेहरे पे जाने कितने चेहरे चढ़े हैं

जरा असल चेहरा तो दिखाओ

वफा तो हम कर लेंगे

जरा सच्चा इश्क करने वाले से तो मिलाओ

बातें तो जमाना करता है इश्क की

जरा इश्क में होके तो दिखाओ

अल्फाजों की बात न करना हमसे

जरा इश्क पर कुछ लिख के तो दिखाओ

देह से शुरु होकर देह पर खत्म हो जाता है

जरा मोहब्बत मे दिल लगा कर तो दिखाओ

चेहरे हटाते हटाते थक जाओगे

जरा पहले खुद की असल पहचान तो बताओ

इक लंबा अरसा गुजारा है इश्क मे

हमे तुम प्रेम की परिभाषा मत समझाओ......



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