STORYMIRROR

Dr. Chanchal Chauhan

Romance Classics

4  

Dr. Chanchal Chauhan

Romance Classics

वो मेरा प्यार हो

वो मेरा प्यार हो

2 mins
266

जिसमें छिपी हो ख़ुशियों की पंक्तियाँ।

प्रेम और स्नेह की बहार हो,

वो मेरा प्यार हो।

सितारों की रौनक हो उसमें,

चाँद की चांदनी सा नज़ारा हो।


प्रकृति की सुंदरता वहां बसे,

प्यार की मिठास और दिल का गहराई सा विचार हो।

संगीत की मिस्ती धुन हो उसमें,

खुशबू की बहार और रंगों का भरमार हो।


न बसे सिर्फ़ शब्दों में,

बल्कि उसमें दिल की धड़कन का प्यार हो।

सच्ची भावनाओं का उधार हो,

जिसे देख कर दिल को सुकून का आहार हो।


जो रूह को छू जाए और आंचल से लपेटे,

वो मेरी ख़्वाहिशों का इक बहार हो।

वो मेरी आँखों का तारा हो।


जो दिल को छू ले,

जिसमें छिपी हो ख़ुशियों की पंक्तियाँ।

प्रेम और स्नेह की बहार हो,

वो मेरा प्यार हो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance