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Arun Gondhali

Drama Fantasy Thriller

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Arun Gondhali

Drama Fantasy Thriller

वो कौन थी

वो कौन थी

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वो कौन थी

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शोर हो या सन्नाटा मैं आज भी

उन्हे सुन रहा हुं,

कुछ रखा था हथेलीमें मेरे उन्होंने

उसे सूंघ रहा हुं,

रात हो या दिन महसूस कर रहा हुं

खुश्बू जो हथेली में उसने रखी थी ।


तबियतका पता नहीं, मैं जिंदा या मुर्दा

बस,

बरसात की रातमें

बिजलीकी रोशनीमें

उनका गायब हो जाना

पता नहीं वो कौन थी

मुझसे क्यों मिली थी ?


  - अरुण गोंधली, आग (०९.०२.२०२६)


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