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Arun Gondhali

Abstract Inspirational Children

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Arun Gondhali

Abstract Inspirational Children

पापा तो पापा ही होते है !****

पापा तो पापा ही होते है !****

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चलो आज किसी ने फादर डे मनाया

बाकी दिन " मधर डे " ही होते है

क्योंकि पापा कहां घर पर होते है ?


हर जरूरत मां पूरी करती है

जेब खर्ची, पार्टी के लिए 

चुपके से वो ही पैसे देती है

हर लाड़ वो लड़ाती है,

क्योंकि पापा कहां घर पर होते है ?


हर ख्वाहिश, मां पुरी करती है

डर पापा का इसलिए बच्चे पढ़ते है

लेकिन निबंध मां का लिखते है

क्योंकि पापा कहां घर पर होते है ?


कसम मां की खाते है

लगे चोट...मां...ही मुंह से निकलता है

मां इतनी प्यारी है कि

पापा एक जरूरत बन जाता है

पूरे दिन, सालों तक घर का भार उठाता है ।


थक जाता है तब घर पर रुकता है,

तब बच्चे अपना घर बना उसे छोड़ देते है,

फिर भी कभी शिकायत नहीं करता है,

पापा तो पापा ही होता है !





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