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Dr.Rashmi Khare"neer"

Drama

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Dr.Rashmi Khare"neer"

Drama

विष्णुरती

विष्णुरती

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तुम खिल गए हो

कमलदल

नत मस्तक हूं।


देवी के चरणों में

अर्पित करने को उत्सुक हूं।


तुम अर्पित होते हो देवी के चरन

पंकज तुम्हारे यश का तुम्हें भान नहीं।


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