STORYMIRROR

Dr.Rashmi Khare"neer"

Others

2  

Dr.Rashmi Khare"neer"

Others

हर रूप में नारी

हर रूप में नारी

1 min
157

कोमल नाजुक बनी हुई है

नारी में नजाकत है,

बच्ची की अल्लहड़ता है।

यौवन की दहलीज पर खड़ी,

भाई की लाज

पिता की इज्जत है,

मां की छाया प्रतिरूप है।

उस हर वक्त हर जगह संभलना होता है।

सहनशक्ति, संस्कार , अनुशासित,

उसे पग पग पर इसे निभाना होता है।

इसलिए वो नारी है

बच्चे को जन्म देने के बाद मां का रूप,

ईश्वर का दूसरा रूप बना देती है।

आज हर जगह नारी अपना वजूद रख रही।

निरंतर अपनी शक्ति को अपना ज्ञान बना रही

नारी तुम शक्ति हो तुम प्यार हो तुम श्रद्धा हो।



Rate this content
Log in