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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

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नारी हूं गर्वित हूं

नारी हूं गर्वित हूं

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गर्वित हूं कि नारी हूं

ईश्वर की सुंदर रचना हूं

समक्ष उसके नतमस्तक हू


गर्वित हूं कि नारी हूं

अपार असीम सहन शक्ति से गढ़ी हूं

असहाय वेदना में तड़पती मूर्ति हूं


गर्वित हूं कि नारी हूं

आज हर जगह मौजूद हूं

समकक्ष हूं तरक्की के साथ खड़ी हूं


गर्वित हूं कि नारी हूं

ना दबा मुझे मै तेरा भी सम्मान हूं

अंधेरों में कहीं जलती हुई तेरी भी रोशनी हूं


गर्वित हूं कि नारी हूं

मुझसे ही तुम हो तेरी कोख हूं

मार मत मुझे तेरा ही अंश हूं


गर्वित हूं कि नारी हूं

बेटी हूं मां हूं पत्नी हूं

कलंकित ना कर तेरी श्रद्धा हूं


गर्वित हूं कि नारी हूं

आंखो से निकलती "नीर" हूं

मुस्कुराती सुबह की अनगिनत "रश्मि"हूं


गर्वित हूं कि नारी हूं

हर जन्म में नारी ही बनूं

ममत्व के साथ जीती रहूं


गर्वित हूं नारी हूँ।


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