Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

कुशाग्र जैन

Abstract Inspirational Others

3  

कुशाग्र जैन

Abstract Inspirational Others

वीर पुत्र

वीर पुत्र

1 min
58


वीर पुत्र है हम भारत के,

तन मन इस पर क़ुर्बान है।

मन में विचार बस यही उठता,

सबसे श्रेयस भारत की आन है।।


संकल्प लिया है यह हम सबने,

विश्व गुरु फिर भारत होगा।

सोने की चिड़िया था भारत,

अब फिर सोने की चिड़िया होगा।।


हम बने किसान, शिक्षक या अधिकारी,

राष्ट्र का हित ही गाएंगे।

भ्रष्ट, शिथिल, तम युत विचार,

मन में न कभी हम लाएंगे।।


वीर पुत्र है हम भारत के,

तन मन इस पर क़ुर्बान है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract