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कुशाग्र जैन

Classics

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कुशाग्र जैन

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वसन्त

वसन्त

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जगह जगह छपे हैं इश्तिहार

वासन्ती त्यौहार के,


वसन्त आ रहा है

वसन्त जा रहा है

लेकिन मन मे है वसन्त का इंतजार


आए.... आए

एक वसन्त जो अनुभूत करा सके

वसन्त की स्नेह फुहार।


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