उसकी याद आ गयी
उसकी याद आ गयी
वादा करके साथ चलने का वो बीच रहा में
मुझे छोड़ कर जाने कहां गई,
आज फिर ज़िक्र हुआ है सच्ची मोहब्बत का महफिल में,
मुझे 'उसकी याद आ गयी'..
और सजना सँवरना उसको आता ना था,
मुझे उसके माथे कि छोटी सी बिंदियां भा गई,
तुमने ज़िक्र किया है सादगी का महफिल में,
भाई मुझे 'उसकी याद आ गयी'..
इज़हार ए मोहब्बत मैंने भी किया था कभी,
वो तो जनाब एकदम से शर्मा गई,
और वो भी कितना प्यार करती है मुझसे
ये उसकी झुकी पलकें बता गई,
और अभी एक आवाज़ आयी थी दिल टूटने कि कहीं से,
'मुझे उसकी याद आ गयी'
वो तो बहुत नाज़ुक थी जाने इतने दर्द कैसे छुपा गई,
ये तो भला हो उसकी आँखों का जो मुझे उसकी मजबूरी बता गई,
किसी ने अभी ज़िक्र किया था वफा का यहीं,
पता है मुझे 'उसकी याद आ गयी'..
और अक्सर चौंक जाता हूँ पायल कि आवाज़ पर मैं,
मुझे लगता है वो आ गई,
और ये काली कमीज़ बहुत जँचती है तुम पर 'आयुष',
उसकी कही हर एक बात सता गई,
वो तो खुद को देखा आईने में आज,
'मुझे उसकी याद आ गयी'..

