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Navni Chauhan

Fantasy Others

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Navni Chauhan

Fantasy Others

उन्मुक्त

उन्मुक्त

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पंछी बन 

उन्मुक्त गगन में,

फिरूं हर गली, हर नगर में,

चुनूं दाना डगर- डगर में,

विचरूं ये विस्तृत संसार

पल भर में।


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