STORYMIRROR

Jyoti Dhankhar

Romance

4  

Jyoti Dhankhar

Romance

उम्र के इस दौर में

उम्र के इस दौर में

1 min
248

 उम्र के इस दौर में भी

थोड़ा रूमानी हुआ जाए

मन करता है कि वो

कभी घर आते कुछ फूल ही ले आए


कभी कभी वो

कॉफी डेट पे ले जाए

कमर पे वोलनी लगाते लगाते

फिर मेरे कांधे के तिल का जिक्र कर जाए

डॉक्टर के यहां इंतजार करते करते

वो पहली डेट के इंतजार का जिक्र कर जाए


पर हाए ये उम्र !

ये होते उम्रदराज हम

बस बीमारियों का जिक्र

बीमा पॉलिसियों का जिक्र

दांतों के टूटने का जिक्र

करते करते कब चार कंधों पे

हो सवार पहुंच जाएंगे

अन्तिम सफर पर

फिर दोनो में से बचे एक को याद आएगी

अच्छी बुरी रूमानी रूहानी सब यादें

पर बस फिर बांटने वाला ना कोई होगा

सुन ने वाला ना कोई होगा

तो आज ही कह दो ना

थोड़ा प्यार आज ही जता दो ना

थोड़ा रूमानी से हो जाओ ना

मेरे आज को महका दो ना।


రచనకు రేటింగ్ ఇవ్వండి
లాగిన్

Similar hindi poem from Romance