उड़ाओ न रंग मोहे श्याम
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम,
तेरे प्यारमें रंगी हुई हूं मै,
काहे सतावत हो श्याम,
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...
ज़ब आती है होरी ब्रज़ में,
रास्ता रोकत हो कयुं श्याम,
भरी पिचकारी रंग सरकावत,
मोहे शरमावत हो श्याम,
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...
अबील गुलाल मुठ्ठीमें भरके,
छूपकर उड़ावत मोहे श्याम,
लाल रंग से रंग दी मुज़को,
हो मै गई लाल मेरे श्याम,
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...
रंग से तरबतर मुज़े देखकर,
बतियाँ मीठी करत हो श्याम,
हालत मेरी देखकर मुज़को,
अंगुठा दिखावत मोहे श्याम,
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...
रसीया गानकी धूम मची है,
झूमकर नचावत मोहे श्याम,
मधुरी "मुरली" बज़ाकर के तुम,
भूलावत हो मोहे भान शान,
उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...

