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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम

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उड़ाओ न रंग मोहे श्याम,

तेरे प्यारमें रंगी हुई हूं मै, 

काहे सतावत हो श्याम, 

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...

ज़ब आती है होरी ब्रज़ में,

रास्ता रोकत हो कयुं श्याम,

भरी पिचकारी रंग सरकावत,

मोहे शरमावत हो श्याम,

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...

अबील गुलाल मुठ्ठीमें भरके,

छूपकर उड़ावत मोहे श्याम,

लाल रंग से रंग दी मुज़को,

हो मै गई लाल मेरे श्याम,

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...

रंग से तरबतर मुज़े देखकर,

बतियाँ मीठी करत हो श्याम,

हालत मेरी देखकर मुज़को,

अंगुठा दिखावत मोहे श्याम,

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...

रसीया गानकी धूम मची है,

झूमकर नचावत मोहे श्याम,

मधुरी "मुरली" बज़ाकर के तुम, 

भूलावत हो मोहे भान शान,

उड़ाओ न रंग मोहे श्याम।...



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