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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Fantasy Others

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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

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त्योहार

त्योहार

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भारत देश में आते हैं, अनेकों त्योहार,

बैर भाव सब भूलकर, करते सभी प्यार,

गम और दुख भूला दे, यही जहां रीत,

बैर भाव मन में रखे, होती है तब हार।


होली आए जब कभी, रंग दे तन व मन,

खुशियां मिले खूब, कहलाएगा वह धन,

बारिश का मौसम हो, कभी है अगहन,

त्योहारों के बल मिले, जन में अपनापन।


दीपों का पर्व बड़ा, ले आएगा उजाला,

कहीं खुशी पुरुष मनाये, कहीं पे बाला,

बैर भुला देते सारे, नहीं रहे मन काला,

दुश्मन भी देखे तो, मुंह पर लगता ताला।


खुशी मिले संसार को, यही कहे त्योहार,

जीत हमेशा राह में, नहीं मिले कभी हार,

लौटा दो खुशी लोगों को, जिनकी उधार

आओ पर्व मनाए मिलके, भर दे तन प्यार।।



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