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Minal Aggarwal

Tragedy

4  

Minal Aggarwal

Tragedy

तुम्हारी तस्वीर

तुम्हारी तस्वीर

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तुम्हारी

तस्वीर

खामोश है

कुछ बोलती नहीं


कोई सवाल पूछो तो

गुमसुम रहती है

जवाब देती नहीं


मन भारी है

यह जुदाई अब

सही जाती नहीं

पतझड़ के बाद


बहार

तू लौट आ कि

पतझड़ के थपेड़ों की मार

अब सही जाती नहीं।


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