शालिनी मोहन
Romance
परसों तुम्हारे कप से
थोड़ी सी चाय छलकी थी
सूख गई थी फ़र्श पर गिर के
देखो, आज की बारिश
उसे फिर गिली कर गई
मेरी नरम उँगली ने
टटोला है
आज फिर उसके
गर्म अहसास को
प्रस्तुति
साड़ी में लिपट...
दहेज़
अख़बार
मन एक पंछी
समीकरण
नाम
मंदबुद्धि
मूर्ख दिवस
बुढ़ापा
बारिश कह रही मुझे, कोई याद कर रहा तुझे। बारिश कह रही मुझे, कोई याद कर रहा तुझे।
तेरे प्यार में तेरी याद में डूबे रहना अच्छा लगता है. तेरे प्यार में तेरी याद में डूबे रहना अच्छा लगता है.
अब इस प्रेम के सफ़र में तुम साथ मेरा निभाना। अब इस प्रेम के सफ़र में तुम साथ मेरा निभाना।
सतरंगी चूनर में छिपा वो नज़ाक़त का रंग, मैं गुलाल लगाना जो चाहा तो रंग भुला बैठा। सतरंगी चूनर में छिपा वो नज़ाक़त का रंग, मैं गुलाल लगाना जो चाहा तो रंग भुला बै...
ना मेरे पास दौलत है ना ही दो वक़्त की मोहलत पर खुदा की ख़ास बरकत है की मेरे पास मोहब् ना मेरे पास दौलत है ना ही दो वक़्त की मोहलत पर खुदा की ख़ास बरकत है की मेरे ...
हां मैं तेरे मेरे प्यार को लफ्जों में उतारना चाहती हूं।। हां मैं तेरे मेरे प्यार को लफ्जों में उतारना चाहती हूं।।
वो मौसम फिर से लौटा दे कोई, लौटा दे वो बरसाते और सावन कोई।। वो मौसम फिर से लौटा दे कोई, लौटा दे वो बरसाते और सावन कोई।।
मिले हो हम सफ़र तो मंजिलें भी आसान हुआ। तुम्हारे प्यार से मिले हो हम सफ़र तो मंजिलें भी आसान हुआ। तुम्हारे प्यार से
वरना सुदामा में कहाँ ताकत थी.. "मुरलीवाले" से पैर धुलवाने की। वरना सुदामा में कहाँ ताकत थी.. "मुरलीवाले" से पैर धुलवाने की।
प्यासी धरती तो कुछ पी लेती है कुछ नदियों की धार बढ़ाती है प्यासी धरती तो कुछ पी लेती है कुछ नदियों की धार बढ़ाती है
ताकि मैं सुकून से मर सकूं अपने मन के साथ। ताकि मैं सुकून से मर सकूं अपने मन के साथ।
हो गई पूरी, वर्षा होने की हर एक आस, बुझ गई मरूस्थल से मेरे हृदय की प्यास। हो गई पूरी, वर्षा होने की हर एक आस, बुझ गई मरूस्थल से मेरे हृदय की प्यास।
आप लिखे तो मैं जीवन भर! बस केवल पढ़ता रह जाऊं।। आप लिखे तो मैं जीवन भर! बस केवल पढ़ता रह जाऊं।।
मैं खुश किस्मत हूँ क्योंकि मेरे वो मुझे बहुत प्यार करते हैं। मैं खुश किस्मत हूँ क्योंकि मेरे वो मुझे बहुत प्यार करते हैं।
क्या छिपाती हो ? दिल में क्या है ? क्यों नहीं बताती हो ? क्या छिपाती हो ? दिल में क्या है ? क्यों नहीं बताती हो ?
बहते आंसू रोकूं कैसे यादों की चादर ओढ़ लेती हूँ। बहते आंसू रोकूं कैसे यादों की चादर ओढ़ लेती हूँ।
नामुमकिन सा लगेगा जब, खड़ा मिलेगा वो एक खूबसूरत सा शख्स वहीं। नामुमकिन सा लगेगा जब, खड़ा मिलेगा वो एक खूबसूरत सा शख्स वहीं।
तेरे मेरे प्यार का बगिया कुछ ऎसा हो दोनों के पलकों का ख्वाब एक जैसा हो। तेरे मेरे प्यार का बगिया कुछ ऎसा हो दोनों के पलकों का ख्वाब एक जैसा हो।
चांद सा हसीन कोई देखा ना था, पर उस रोज़ चांद सा हसीन कोई मिला था,।। चांद सा हसीन कोई देखा ना था, पर उस रोज़ चांद सा हसीन कोई मिला था,।।
इक्कीसवीं सदी की लड़की ने मन ही मन अपनी बात पर कायम रहने का सोच लिया.... इक्कीसवीं सदी की लड़की ने मन ही मन अपनी बात पर कायम रहने का सोच लिया....