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शालिनी मोहन

Romance

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शालिनी मोहन

Romance

तुम्हारे अहसास

तुम्हारे अहसास

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परसों तुम्हारे कप से 

थोड़ी सी चाय छलकी थी

सूख गई थी फ़र्श पर गिर के

देखो, आज की बारिश 

उसे फिर गिली कर गई

मेरी नरम उँगली ने

टटोला है

आज फिर उसके

गर्म अहसास को



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