तुम्हारा हाथ चूमकर
तुम्हारा हाथ चूमकर
जब भी मिलोगे तुम हमसे
तुम्हारा हाथ चूमकर बस ये ही कहेंगे,
दिल तोड़कर जुदाई का पाठ पढ़ाने के लिए शुक्रिया,
हमारे हाथ में कलम पकड़ाकर हमारे हुनर को
संवारने के लिए शुक्रिया,
ये हुनर शायद हमारी किस्मत में नहीं था मगर
हमारी किस्मत बदलने के लिए शुक्रिया,
वो तुम ही तो थे जो प्यार बनकर जीवन में आये,
जीवन हमारा सँवारा खुशियों से रिश्ता हमारा जोड़ा,
फिर दिलों को शायद टूटना था हमको शायद बिछड़ना था,
दोष शायद हमारा था कि प्यार को रब समझ बैठे,
रब को जो भूले हम तो सबक रब को हमको
सिखाना लाज़मी था,
अब ये सबक हम को याद है अच्छे से कि
प्यार को रब का दर्जा दो,
पर रब की इबादत न कभी भूलो रब जो रूठा तो
फिर हर पल रोते रहोगो,
गर खुशियों से झोली भरना चाहते हो प्यार को प्यार समझो
खुदा ना बनाओ जग में ।

