दिल की गहराइयों से
दिल की गहराइयों से
दिल की गहराइयों से हमने तुझपर ऐतबार किया,
तेरी हर बात पर हमने विश्वास किया,
तोड़ा दिल तूने ऐसा हमारा कि अब खुद पर ऐतबार नही रहा,
प्यार तेरा बन गया इक सज़ा यूँ लगता है,
गहराइयों से जुड़े बँधन यूँ ही टूटते नही,
जाने क्यों तेरे लौटने की उम्मीद बाक़ी है,
तुझसे कई सवाल पूछने बाक़ी है,
तुझसे कई जवाब माँगने
बाक़ी है,
यूँ ही तुझको हम जाने ना देंगे,
तुझसे एक आख़री मुलाक़ात बाक़ी है,
आज भी हम खड़े है उन राहो पर,
तेरे आने की एक उम्मीद बाक़ी है ।
