सुन कुदरत क्या कह रही है
सुन कुदरत क्या कह रही है
कुदरत ये कह रही है मुझसे फिर से इक नई शुरुआत कर,
जब तक है साँसे उम्मीदों का दामन थामे रख,
जीवन मिला है इसको हँस कर जी ले,
आज नही तो कल तुझे तेरी मंजिल मिल ही जायेगी,
दिल जो टूटा है तेरा तो न दीवानो की तरह बर्बाद हो जा,
जिंदगी नही मिलती दोबारा इसको ना बर्बाद कर,
अपनी यादों को दिल मे क़ैद कर और आगे कदम बढ़ा अपना,
गर प्यार किस्मत में होगा तो लौट आएगा,
आँसुओ को ना अपनी कमजोरी बना अपनी हँसी के पीछे छिपा इनको,
वक्त रहता नही हमेशा एक सा वक्त के बदलने का इन्तेजार कर,
ऊपर वाला हर पल लेता है इम्तेहान खुशी खुशी हर इम्तेहान देती जा,
एक दिन तो कुदरत को तुम पर रहम आएगा नया सवेरा होगा तेरे जीवन मे ।
