रात की बाहों में
रात की बाहों में
रात की बाहों में तेरी यादों का सहारा है,
आँसू है आँखों मे दिल रो उठता है,
चाह कर भी हम यादों को दिल से निकाल नही सकते,
तेरी यादें ही तो मेरे जीने की इकलौती वजह है,
जब जब रात का पहर आता हैं हम तन्हा होते है,
यादो का पिटारा खुद ब खुद खुल जाता है,
रात की बाहों में तेरी यादों का मंजर सामने आ जाता है,
कभी खुशी तो कभी गम बनकर जीना सिखाता है,
दोस्त बनकर आये थे हमसफ़र बनने का वादा था,
जाने फिर कहाँ खो गए तुम हम को तन्हा छोड़कर,
आज भी हमको तेरा इन्तेजार है,
आज भी हमको तुमसे प्यार है,
आ लौट आ मेरे दोस्त मेरे हमसफर,
तेरे बिना मेरी जिंदगी अधूरी है,
दो पल का इन्तेजार तेरा सदियों का बन गया,
प्यार हमारा अब तो एक सवाल बन गया ।
