तुम
तुम
मेरे विवश मन समर्थन हो तुम,
एक एहसास मे लिखू तो मेरे लिए प्रेम की परिभाषा हों तुम,
इस बेरुख सी जिंदगी मे मानो खिला एक गुलाब हो तुम,
जीवन के श्रम मे मेरा प्रिय आश्रय हों तुम,
मेरे संघर्ष भरे जीवन मे जीवन संगी हो तुम,
मेरे जीवन के हर क्षेत्र का एक रहस्यमय हिस्सा हों तूम,
वर्णन करू अगर शब्दो मे तेरा तो मेरे जीवन अमूल्य हिस्सा हों तुम!

