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Saini Nileshkumar

Inspirational

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Saini Nileshkumar

Inspirational

मन पापी

मन पापी

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मन सोचे मुजसा अच्छा ना कोई,

जो ज्ञान आवत अहंकार जगावत,


लगी लत मन मोह की,

नचावे रंगमंच जिंदगी,


मेल सोची औरो के मनमे,

मन मेल और बढ़ावत है,


समझे जो कोई मन को,

मन सा पापी ना कोई।


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