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Kishan Negi

Romance Fantasy Others


4.1  

Kishan Negi

Romance Fantasy Others


तुम सुन रही हो ना

तुम सुन रही हो ना

1 min 319 1 min 319

आँखें बताती हैं दिल में नहीं है कोई हलचल

खामोशियाँ कह रही है कुछ बात तो ज़रूर है

तूफ़ान बुझा के गुजर गया दीया उसके घर का

उजाला छीना तो क्या अँधेरी रात तो ज़रूर है

दिल की ये बात तुम सुन रही हो ना


नीले आसमान में चाँद तारे भी गुनगुना रहे हैं

बिन चाँदनी के कोई सुहानी रात बनती नहीं है

आषाढ़ में मोती बनकर गिरती रिमझिम बूँदें

पास ग़र तुम नहीं तो कोई बात बनती नहीं है

दिल की ये बात तुम सुन रही हो ना


मुमकिन है तुमको कोई और मिल गया होगा

यहाँ मौसम को आज भी सिर्फ़ तुम्हारा इंतज़ार है

रूठ कर चली गयी तो मनाने वाला मनाता कैसे

जिस रंग में कहो ढल जायेंगे हमको कब इनकार है

दिल की ये बात तुम सुन रही हो ना


चांदनी रात में जब चाँद कभी मुस्कुराता होगा

याद करो चुपके-चुपके याद हमारी आती होगी

अनमने दर्द जब कभी पूछते होंगे हाल हमारा

आँखों की नींद भी सोने बाद उसके जाती होगी

दिल की ये बात तुम सुन रही हो ना


पहली मुलाक़ात के गहरे जख्मों को कुरेदकर

आँखों में आज जैसे याद तुम्हारी उभर आयी हो

कहीं ऐसा तो नहीं कि काँटों का ताज पहनकर

दिल की खिड़की तोड़कर रूह में उतर आयी हो

दिल की ये बात तुम सुन रही हो ना



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