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संदीप सिंधवाल

Romance

5.0  

संदीप सिंधवाल

Romance

तुम एक उपहार हो

तुम एक उपहार हो

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खुद एक उपहार हो, तुम्हें उपहार और क्या देता

प्यार सारा तुमसे ही, प्यार संसार और क्या देता। 


सुना है कुछ टेडी बीयर देने का भी चलन इधर

तेरा-मेरा एक ही तो दिल के पार और क्या देता। 


कुछ भूल हो जाती है कभी तेरी तारीफ करने में

टेढ़े मेंढ़े से इन शब्दों को आकार और क्या देता। 


वो खुशहाली की बहार तुमसे होकर ही आती 

वही इधर से जाती, सिवा बहार और क्या देता। 


जो दुआ मांगी 'सिंधवाल' ने कबूल होती गई

तुम्हें देने के बाद खुदा हर बार और क्या देता। 


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