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Madhu Gupta "अपराजिता"

Tragedy

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Tragedy

टमाटर बना सेब

टमाटर बना सेब

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जायके में यह कैसा फर्क़ महसूस हो रहा है, 

गृहिणियों का बजट भी दिन पे दिन खूब बिगड़ रहा है, 

बारिश ने भी ऐसी हर तरफ़ आफ़त मचाई हुई है, 

प्रकृति ने भी रौद्र रूप धारण कर रखा है...!! 


टमाटर आजकल छलांग आसमान की लगा रहा है, 

हाथों से ऐसे फिसल कर जैसे कोई वीआईपी जा रहा है, 

असर सबसे ज्यादा निम्न और मध्यम वर्ग पड़ रहा है, 

है नित्य रोज़ कमाना अब पेट पालना मुश्किल पड़ रहा है...!! 


टमाटर की ही बात क्यों बाकी चीजें भी महंगी हो रही है, 

इसका असर बच्चों पर भी बहुत बुरा पड़ रहा है, 

बजह इसकी आज भारी बारिश बनी हुई है, 

हर तरफ बस हमको पानी ही पानी नज़र आ रहा है...!!


सब्जियों के दाम भी आसमान को छू रहे हैं, 

सुनकर धाम सब्जी के ग्राहक घर वापस आ रहा है, 

किसानों की भी मेहनत पर पानी फिर रहा है, 

लाचार और मजबूर हम मौसम का यह मिजाज देख रहे हैं...!! 


इन सभी में लोगों को राजनीति दिख रही है, 

सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं, 

बात तो सही है, देन तो महंगाई सरकारी नीतियों की ही होती है, 

आपदा कभी कोई भी हो कहकर नहीं आती है...!! 


तैयारी इसकी हमको पहले से ही करनी होती है, 

भविष्य के लिए हमकों सजग हर पल रहना होता है, 

बाद में एक दूसरे पर उंगली उठाने से काम नहीं चलता है, 

यह जिम्मेदारी सरकार को ही तय करनी होती है।



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