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Rajit ram Ranjan

Romance Inspirational


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Rajit ram Ranjan

Romance Inspirational


तो हूँ मैं गुनेहगार!

तो हूँ मैं गुनेहगार!

1 min 209 1 min 209

बेपनाह मोहब्बत करना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

टूटकर किसी को चाहना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

दिल में किसी को बसाना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी के दर्द को मिटाना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी को हमदर्द बनना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी के आंसू

अपनी आँखों से बहाना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी को देखकर मुस्कराना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी कि जीत में ख़ुद को

हार जाना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी रूठे को मनाना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!

किसी के बिन जी ना पाना,

ग़र गुनाह है,

तो हूँ मैं गुनेहगार!



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