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S Ram Verma

Romance

3  

S Ram Verma

Romance

तन्हा रातें !

तन्हा रातें !

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कुछ ही दिनों में फिर 

दिन छोटे और रातें 

लम्बी होने लगेंगी

फिर यादें तुम्हारी मुझे

इन लम्बी रातों में अकेले

जागने को मज़बूर करेंगी

फिर ये जाग मुझे  

तुम पर लिखी अपनी 

प्रेम कविता गुनगुनाने 

को मज़बूर करेगी

फिर वो गुनगुनाहट ही  

मेरे गीत बनेंगे जिन्हे मैं 

माचिश की तीली की तरह 

इस्तेमाल करूँगा

अँधेरी रातों में अकेले 

जागने पर वो मेरी 

मदद करेगी

क्यूँकि मुझे पता है 

ये लम्बी और तन्हा 

रातें किसी का साथ

मांगने को मज़बूर  

करेंगी ! 


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