STORYMIRROR

Bhavna Sharma

Tragedy

4  

Bhavna Sharma

Tragedy

" तलाश एक नए जीवन की..."

" तलाश एक नए जीवन की..."

1 min
275

ऐ जिंदगी मुझे थोड़े और गम दे

जिससे मै अपने सारे पुराने गमों को भुला सकूं


आदत है मुझे पुरानी यादें सहेज कर रखने की

कुछ यादें मुझे एसी दे की मैं पुरानी हर याद भुला सकूं।


सफर जारी है मेरा तेरी ही तलाश में,

एक मोड़ मुझे ऐसा दे जिस पर मैं तुझे ही ,

अपना हमसफर बना सकूं।


मैने देखा है खुद को आईने की नजर से,

मुझे मेरी ढलती हुई सूरत नजर आई,


एक आईना मुझे ऐसा दे जिसमे मुझे मेरी बदलती हुई सीरत नजर आए।


परिंदों को फितरत लिए भटक रही हूं मै,

मुझे एक मकान दे जिसे मैं अपना घर बना सकूं।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy