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Bhavna Sharma

Romance

4  

Bhavna Sharma

Romance

कमी तुम्हारे साथ की

कमी तुम्हारे साथ की

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तुमने साथ ही नही दिया 

वरना तुम्हे अपना बना सकते थे हम,

सात जन्म का तो पता नही लेकिन ,

इस जन्म तो साथ चल सकते थे हम।

एक सवाल ही तो किया था मैंने,

अगर तुम जवाब में हां कहते तो,

मै और तुम को हम में बदल सकते थे हम।

यूं तेरी ही नजरो में तेरा बनना मंजूर नहीं मुझे,

पूरी दुनिया तक इस खबर को पहुंचा सकते थे हम,

अगर तुम साथ देते तो दुनिया की वो सारी रस्में ,

 निभा सकते थे हम।

बेसबर रही ये पलके तेरे पल भर के दीदार को,

तेरा साथ होता तो तेरी हजारों तस्वीरे कमरे की दीवार पर लगा सकते थे हम।

अब यूं ही बीती बातें याद करके,

खुद को बहला लेते है हम,

लेकिन अफसोस रहेगा की ,

अगर तुम्हारा साथ होता तो,

तुम्हे तुम्हारे नाम से बेझिझक बुला सकते थे हम।।


अगर तेरा साथ होता तो तेरे साथ एक छोटा सा आशियां बसा सकते थे हम।।

तुम लाख बार रूठ भी जाते मुझ से तो,

अगर मगर करके तुम्हे मना सकते थे हम।।

अगर तुम्हारा साथ होता तो ,

तुम्हारे हिस्से की मौत को भी अपने गले से लगा सकते थे हम।।

तुम्हारी खुशी के आगे अपने आंसू छुपा सकते थे हम,

तुम्हारा साथ होता तो तुम्हारे साथ हर हाल में मुस्कुरा सकते थे हम।।



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